फोटो खींचो — GPS लोकेशन अपने-आप जुड़ेगी — शिकायत सीधे नगर पालिका बलिया तक। सिर्फ़ 30 सेकंड, बिल्कुल मुफ़्त, कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करना।
Snap a photo of garbage. GPS attaches automatically. The complaint reaches the municipality — in 30 seconds, free, no install needed.
न कोई फ़ॉर्म, न लाइन, न दफ़्तर का चक्कर। आपका फ़ोन ही आपकी आवाज़ है।
कूड़े का ढेर, जाम नाली, मरा जानवर — जो भी गंदगी दिखे, बस एक फोटो। कैमरा सीधे खुलता है।
GPS से सटीक जगह और पता अपने-आप जुड़ जाता है — नगर पालिका को ढूँढना नहीं पड़ेगा।
तैयार शिकायती पत्र एक टैप में WhatsApp, Email और UP जनसुनवाई तक। रिपोर्ट सबको दिखती है — यही दबाव है।
हर शिकायत सार्वजनिक है — पूरा शहर देखता है कि क्या हुआ और क्या नहीं। सभी देखें →
लोड हो रहा है…
सफाई साथी आपकी रिपोर्ट को हर सही दरवाज़े तक पहुँचाने के रास्ते देता है
FAQ
नहीं। सफाई साथी एक स्वतंत्र नागरिक पहल है, स्वच्छ भारत मिशन से प्रेरित। यह आपकी शिकायत को सही सरकारी चैनलों (नगर पालिका ईमेल, UP जनसुनवाई, Swachhata ऐप) तक पहुँचाना आसान बनाता है।
बिल्कुल नहीं। यह पूरी तरह मुफ़्त है और हमेशा रहेगा। कोई विज्ञापन भी नहीं।
नहीं — यह ब्राउज़र में ही चलता है। चाहें तो "इंस्टॉल" बटन से होम स्क्रीन पर ऐप की तरह जोड़ सकते हैं (कोई जगह नहीं घेरता)।
नहीं, नाम-मोबाइल पूरी तरह वैकल्पिक हैं। लेकिन नाम के साथ भेजी शिकायत में ज़्यादा वज़न होता है, और टॉप जागरूक नागरिकों की सूची में आपका नाम आता है। मोबाइल नंबर कभी सार्वजनिक नहीं होता।
रिपोर्ट फोन में सुरक्षित हो जाती है और इंटरनेट आते ही अपने-आप चली जाती है।
सफाई कराना नगर पालिका की ज़िम्मेदारी है। सफाई साथी शिकायत पहुँचाता है और उसे सार्वजनिक रखता है — हल होने पर स्टेटस "हल हो गई ✅" हो जाता है। सार्वजनिक स्कोरबोर्ड ही सबसे बड़ा दबाव है।
हाँ! शुरुआत बलिया से है, पर सिस्टम किसी भी शहर के लिए बन सकता है। अपने शहर के लिए संपर्क करें: ayushsrivastava9997@gmail.com
हम बलिया में रहते हैं और हमें अपना शहर गंदा नहीं चाहिए। कूड़े के ढेर, जाम नालियाँ, सड़कों पर गंदगी — हम सब देखते हैं, पर शिकायत करने का तरीका इतना मुश्किल है कि ज़्यादातर लोग चुप रह जाते हैं।
सफाई साथी यह बदलता है: शिकायत करना अब फोटो खींचने जितना आसान है। और हर शिकायत सार्वजनिक है — कितनी आईं, कितनी हल हुईं, सब स्कोरबोर्ड पर। यही पारदर्शिता व्यवस्था को जवाबदेह बनाती है।
गांधी जी ने कहा था — "स्वच्छता स्वतंत्रता से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है।" स्वच्छ भारत सरकार अकेले नहीं बना सकती; हम नागरिकों को आँख और आवाज़ बनना होगा। 🇮🇳